कधी कळत नसत, कधी वेळ दुरावत असते ,
कधी काळात नसत, मन कधी दुखत असते . Sunday, September 15, 2013
कधी कळत नसत
Saturday, August 31, 2013
Tuesday, December 11, 2012
पाउल ( step )
पाउल पुढे टाकताना .
खुणा मागे सोडून जाते ..
पाउल पुढे टाकताना ..
मातीही सोबतीस येते .
पाउल पुढे सरकता ..
अंतर मागील वाढते .
पाउल पुढे सरकता ..
पुढचे अंतर सरते .
पाउल थांबता एक ठिकाणी ..
विश्रांती जीवाला मिळते .
पाउल थांबता वाटेवर ..
वादळ मनात परत फिरकावते ..
अन त्या वादळातल पाउल मग ..
पुढे सरकण्यास पण अडखळते
Saturday, October 20, 2012
jajbaat
जज्बतोंको अपने आज बहादिया मैंने ,
हर एहसास को अपने भुला दिया मैंने ।
पुछा उन्होंन, हम तो तेरे अपने थे ,
दूसरों के खातिर, हमें भी रुलादिया तुमने ।
मैं बोला , कदर नथी इस जहाँको तुम्हारी ,
संग रहते तोभी तुम रुसवा होते ।
इक्तिज़ा आपकी हर किसीको जीने के लिए ,
पर आज जिन्दगी भी हमसे बेवफा हो रही ।
Friday, October 12, 2012
Saturday, October 6, 2012
हवा कुछ थमसी गयी ....
हर एक शख्स से पुछा हमने ..
क्या देखा तुमने खुदा को ?
बस जवाब में फिर सवाल आया ..
क्या देखा तुमने हवा को ?
अगर खुदा हवा है ..
तो हवा भी आज घलीज़ है |
सांसे देनी वाली हवाभी आज ..
दम किसीकी घुटा रही है |
तो फिर मैंने पुछा , क्यूँ रूकती है सांसे
अगर वो भी उसीने है दी ?
जवाब तो मिलना पाया दोस्तों ...
लग रहा है , हवा कुछ थमसी गयी ....|
Friday, October 5, 2012
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